Sunday, September 23, 2018

क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा


क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा
संसद की कार्यवाही २०वें दिन भी न हो सकी। भारतीय संसद जिसे देश का मन्दिर कहा जाता है, जहां से देश को सही तरह से चलाने के लिये कानून बनते हैं, निर्देश दिये जाते हैं, वह संसद २० दिन से क्षेत्रीय पार्टियों के हंगामे के कारण बाधित है। आश्चर्य होता है। इनमे काबिल सासद चर्चा करने के बजाय शोर शराबे मे देश का इतना नुकसान कर रहे हैं। विकास की गति को विराम लगा रहे हैं। मैं आम नागरिक सोचता हूं कि क्या क्षेत्रीय पार्टियां राष्ट्रिय पार्टियों पर हावी होती जा रही है? आज हमें तय करना होगा कि देश की संसद में क्षेत्रीय पार्टियों को कोई जगह न देकर केवल राष्ट्रिय पार्टियों को ही आना चाहिये। क्षेत्रीय पार्टियां विधान सभाओं तक ही सीमित होना चाहिये। छोटे- छोटे घडों की वजह से देश को पंगु नही बना सकते। देश का विकास नही रोक सकते। इसके अलावा किसी विवाद का हल चर्चाओं से हल हो सकता है। बेल में जाकर संसद कार्यवाही में रूकावट डालने से नही। मैं तो कहता हूं संसद मे इस बेल को समाप्त कर देना चाहिए। सांसदों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढाना अति आवश्यक है।
अविनाश अग्रवाल
काशीपुर

कैश- लेस लेन देन


कैश- लेस लेन देन
जिस प्रकार दूसरी राजनीतिक पार्टियाँ नये – २ पैतरें दिखा अपनी बौखलाहट दिखा रही हैं व आम जनता को वरगला रही है ये देश हित में नही है उन्हें देश हित में मोदी का भष्टाचार निवारक मुहिम में साथ देना चाहिए । कैश लेस लेन देन में सरकार को छोटे दुकानदारों व ग्राहकों को जागरूक करना पडेगा । क्योंकि हमारे देश का किसान मजदूर अनपढ है । फिर छोटे – छोटे दुकानदारों को स्वाइप मशीन खरीदने को प्रोत्साहित करना पडेगा। बडे -२ लेन देन को चैक के माध्यम से पूरा करना पडेगा। व बैकों को भी डेबिट – क्रेडिट कार्ड देने मे रूचि दिखाना पढेगा। कैश लेस लेने देन ही देश की अर्थव्यवस्था में परिवर्तन ला सकता है। व आतंकवाद व भष्टाचार पर नकेल डाल सकता है । दो हजार के नोट का चलन कम होगा । तिजोरियों में ज्यादा भरेगा इस लिए २००० के नोट को कम से कम प्रचलन मे लाना चाहिए ।
अविनाश अग्रवाल
काशीपुर

काला धन – कुछ उपाय


काला धन – कुछ उपाय
मोदी के ५०० व १००० रू को अचानक बन्द करने से आतंकी कामों पर नकेल कसेगी व छुपा काला धन फिर भी घरों में, बैंक लाकरों में, प्रोपर्टीयों में छुपा है। उसे भी निकालना जरूरी है। इसका एक उपाय एक आदमी – एक खाता – एक बैंक लाकर (पेन कार्ड सहित ) है। अक्सर एक इन्सान के कई कई लाकर होते हैं जिनमें अवैध धन सोने – चाँदी के रूप में व प्रोपर्टीयों की व नकदी के रूप में रजिस्ट्री के कागजों के रूप में रहते हैं। इस नई मुहिम से मोदी का सपना ‘भ्रष्ट्राचार मिटा कर ही दम लूंगा’ पूर्ण होगा । इसके अलावा आगे भ्रष्टाचार को बढावा देने में व काला धन जमा करने में दो हजार का नोट सहयोग कर सकता है। इसे भी सख्त कदम उठाकर खत्म करना पडेगा।
अविनाश अग्रवाल
काशीपुर

आतंकवादी - सब का दुश्मन


आतंकवादी - सब का दुश्मन
दीपावली की रात भोपाल सेन्ट्रल जेल से भागे 8 आतंकवादियों को हमारी पुलिस ने मार दिया | जबकि आतंकियों ने हमारे एक जवान को मार दिया | इसमें समस्या क्या है? हमें जश्न मनाना चाहिए कि हमने सिमी के इन आतंकवादियों को मार गिराया | ये सही है की कुछ सवाल सुरक्षा में लापरवाही पर मन में उठ रहे है | इनको समझना चाहिए जो कार्य एक सरकारी एजेंसी कर सकती है | पर कैसे मारे गए? क्यों मारे गए? इन सब बातों में कुछ नहीं रखा है | आतंकवादी किसी भी देश का हो वह समाज का दुश्मन है और समाज के दुश्मन के सामान रहने का कोई अधिकार नहीं है | संदिग्ध आतंकवादियों के मामले अगर न्यायालय में हैं तो उनका निपटारा प्राथमिकता में होना चाहिए | क्योंकि ऐसे आतंकवादी जेल मैं या बाहर रह कर और आतंकवादी पैदा कर सकते है | ये तो देश की शान्ति में जहर घोल सकते हैं| आतंकवादी का कोई धर्म नहीं है | आतंकवादी का कोई राष्ट्रप्रेम नहीं है | वह समाज का, धर्म का व राष्ट्र का दुश्मन है |
अविनाश अग्रवाल
काशीपुर

स्वच्छ भारत – स्वच्छ भारत


स्वच्छ भारत – स्वच्छ भारत
प्रधानमंत्री मोदी जी का स्वच्छ भारत – स्वच्छ भारत नारा देश के छोटे से छोटे गाँव तक पहुंच रहा है । बडे बडे औद्योगिक घराने, अभिनेता व नेता किसी न किसी रूप में अपना योगदान देकर इस मिशन को पूर्ण करने में सहयोग कर रहे हैं । अभी ये अभियान अपने शैशव काल में है । आम नागरिक को भी जागृत होना पडेगा । सरकार के कुछ कठोर नियम भी बनाने पडेंगे । गाँव – शहर – कस्बे के गंदगी आवारा कुत्तों की वजह से भी हो रही है । हर गली – चौहरों पर ये आवारा कुत्ते गंदगी करते हैं । व कभी कभी लोगोम को काट भी लेते हैं । जिससे उन लोगों की जान जोखिम में पड जाती है । आवारा कुत्तों का इस प्रकार गली मौहल्लों में घूमना तुरन्त बन्द होना चाहिए । समाजिक संस्थाओं, संगठनों को इसे रोकने के लिये आगे आना चाहिए । ऐसे कुत्तों के लिए सरकार की सहायता से शरणालय बनाना चाहिए । जिससे वहाँ जानवरों के डाक्टर की देखरेख में ठीक प्रकार से रह सकें । व अच्छी नस तैयार हो । इन तय्रा नस्लों के कुत्तों को ऐसे लोगों को दें जो अच्छी तरह पाल सकें। इससे देश स्वच्छ होगा व आम लोगों को काटने से भी बचेगें।

खेल जगत में नया प्रयास


खेल जगत में नया प्रयास
सन् 2016 में रियो ओलम्पिक खेल समाप्त हो गये जो हर चार साल में एक बार अलग अलग देशों में होते रहते हैं । १२५ करोड जनता का भारत चीन के बाद आता है। पर खेलों में हम बहुत पीछे रह गये हैं। रियो ओलम्पिक में हम एक रजत व एक कास्यं पदक ही मिल पाया जबकि हमसे ज्यादा अबादी वाला चीन कुल ७० पदक जीत कर दूसरे पायदान पर रहा। ३० करोड आबादी वाला अमेरिका १२१ पदक जीत कर प्रथम रहा । क्यों हम खेल जगत में पीछे है जबकि क्रिकेट में सवसे आगे हैं। मैं समझता हूं इसका मुख्य कारण सरकार का खेलों में पूर्ण रूचि न दिखाना है । हमारे देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नही है। पर स्कूलों में खेलों के लिए उचित वातावरण व आवश्यक खेल मेदान व कोच नही है। खेलों को उपेक्षित किया जाता है । अब मोदी के कार्यकाल में खेल मंत्री जी ने खेलों को स्कूली पाठयक्रम में शामिल करने की योजना पर कार्य करना प्रारम्भ किया है । कितने शर्म की बात है कि प्रतिभायें होते हुए भी हम खेलों में इतना पीछे हैं । मुझे अभी के लिए किया जाएन का सौभाग्य प्राप्त हुआ । मैं वहाँ के स्कूलों में खेलों की सुविधायें देखकर स्तब्ध रह गया। खेल मंत्री व अन्य खेलों में विशेष रूचि दिखायें । व प्रतिभाओं को खोज कर उने २०२० में टोक्यो मे होने वाले ओलम्पिक में पूर्ण विकसित रूप में भेजें जिससे टोक्यो ओलम्पिक में भारत को टाप १० में स्थान मिल सके ।
अविनाश अग्रवाल
काशीपुर

क्रिकेट की राजनीति


क्रिकेट की राजनीति
भारतीय क्रिकेट आज दुनिया में अपना सिक्का जमा चुका है| और यह पोज़ीशन भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के उम्दा खेलने से प्राप्त हुई है | इसी कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दुनिया का सबसे ज़्यादा आमदनी वाला क्रिकेट बोर्ड बन गया है| जब पैसा और प्रसिद्वी मिल रही हो तो अनेक नेता, अभिनेता, उद्यमी इससे जुड गये हैं। अब बी०सी०सी०आइ० व आई-पी-एल राजनीति का अखाडा बन गया। जिसके कारण उच्चतम न्यायालय को सुधार हेतु बीच मे आना पडा। लोडा समीति गठित करनी पडी। आखिर क्यों क्रिक्रेट खिलाडियों के अलावा अन्य लोग इसमें अपनी टांग अडाकर राजनीति का अखाडा बनाना चाहते हैं । क्रिकेट को एक खेल ही रहने देना चाहिए । एवं हर राज्य से प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए । हर राज्य में कम से कम एक अन्तराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम होना चाहिए । अभी बहुत से अच्छे क्रिकेट खिलाडी हमारे देश में मौजूद हैं पर राजनीति के चलते हुए उनको नजर अन्दाज किया जा रहा है । खिलाडी यदि  बी०सी०सी०आइ० में होगे तो  और अच्छे खिलाडी मिल सकते हैं । क्रिकेट का भविष्य बहुत अच्छा है । बस सोच बदलनी होगी ।
अविनाश अग्रवाल
काशीपुर